गुरुवार, 28 अप्रैल 2016

*****वर्ण-पिरामिड*****

*****वर्ण-पिरामिड*****
माँ
मान,
सम्मान,
दें सपूत,
वैभवशाली-
सम्पदा अकूत,
ये कलंक कपूत । (१)
भू
उर
वैभव-
पाट-पाट ,
चर्चित होतेे-
सब ठाट-बाट,
खोलो बंद कपाट ।(२)
**सुरेशपाल वर्मा 'जसाला' (दिल्ली)

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